
दुर्ग : राज्य शासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी 2.0 के अंतर्गत लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) घटक के दिशा-निर्देशों में अहम संशोधन किया है। अब तक योजना में 2500 वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल वाले भू-खण्ड के स्वामियों को अपात्र माना जाता था, परंतु शासन ने इस सीमा को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इससे अब बड़े प्लॉट धारी भी योजना का लाभ उठा सकेंगे।
विभागीय पत्र क्रमांक 1389/1444/2025/18 दिनांक 13.03.2025 के अनुसार, दिशा-निर्देश की कंडिका 4.4 जिसमें 2500 वर्गफीट से अधिक भू-स्वामित्व वालों को अपात्र बताया गया था को विलोपित कर दिया गया है।
शासन का कहना है कि यह सुधार शहरों में आवास निर्माण को गति देगा और अधिक संख्या में वास्तविक जरूरतमंद लाभार्थियों को सहायता मिलेगी।
- आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश पर दुर्ग नगर निगम की त्वरित कार्रवाई
- राज्य शासन से आदेश प्राप्त होते ही नगर निगम दुर्ग ने अपने क्षेत्र के वास्तुविदों को निर्देशित किया है कि:
- नए संशोधित पात्रता मानदंडों के अनुसार अधिक से अधिक संभावित हितग्राहियों की पहचान करें
- पात्रता सीमा हटने से जो परिवार अब दायरे में आते हैं, उनका त्वरित सत्यापन कर आवेदन सुनिश्चित करें
- PMAY-Urban 2.0 के बीएलसी घटक का अधिकतम लाभ नागरिकों तक पहुँचे
निगम प्रशासन का मानना है कि यह बदलाव न केवल शहर में आवास निर्माण को बढ़ावा देगा, बल्कि सामान्य एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत भी देगा।
योजना का प्रभाव
इस संशोधन से अब:
- लाभार्थियों की संख्या में काफी वृद्धि होगी
- बड़े भू-खण्ड स्वामियों को भी आवास निर्माण हेतु सहायता मिल सकेगी
- शहर में पीएम आवास योजना का प्रभाव और व्यापकता बढ़ेगी
निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी पात्रता की जाँच कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करें।














